आपने कभी ट्रैफिक सिग्नल पर कार, मोटरसाइकिल अथवा ट्रक चालक को अपने वाहन धीरे करते देखा होगा। साइकिल के ब्रेक लगाने पर उसकी गति धीमी हो जाती है। फर्श पर लुढ़कती हुई गेंद भी कुछ समय बाद रुक जाती हैं। कोई भी वस्तु हो, जो किसी अन्य वस्तु पृष्ठ पर गति कर रही होती है। उसे पर कोई बाहरी बल ना लगाए और वह धीमी स्थिति में हो जाती हैं। अतः इन सभी क्रियाओं में घर्षण अपना बल दिखाता है। आईए विस्तार से घर्षण को उसकी परिभाषा, प्रकारों और लाभ तथा हानियों से समझते हैं।
घर्षण बल
संपर्क में रखी दो वस्तुओं के मध्य एक प्रकार का बल कार्य करता है, जो गति करने में वस्तुओं का विरोध करता है। अतः यह बल ‘घर्षण बल’ कहलाता है।
• घर्षण बल की दिशा हमेशा वस्तु की गति की दिशा के विपरीत होती है।
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घर्षण बल के प्रकार
घर्षण बल तीन प्रकार का होता है।
1. स्थैतिक घर्षण बल
2. सर्पी घर्षण बल
3. लोटनिक घर्षण बल
1. स्थैतिक घर्षण बल
किसी स्थिर वस्तु को स्थिर अवस्था में गतिशील अवस्था में लाएंगे, तो वहां स्थैतिक घर्षण बल कार्य करेगा।
• स्थैतिक घर्षण बल का मान सबसे अधिक होता है।
• जब कोई रुकी हुई वस्तु को विराम अवस्था से, गति प्रारंभ करने की स्थिति में घर्षण पर पार का पाने के लिए वस्तु पर लगाया जाने वाले बल में स्थैतिक घर्षण बल की उपस्थिति होती है।
2. सर्पी घर्षण बल
जब कोई वस्तु किसी पृष्ठ पर आगे की ओर और बढ़ रही है वहां सर्पी घर्षण बल कार्य करता है।
• सर्पी घर्षण बल स्थैतिक घर्षण बल से कुछ कम होता है।
• किसी वस्तु को इस चाल से गतिशील रखने के लिए आवश्यक बल में सर्पी घर्षण बल की उपस्थिति होती है।
3. लोटनिक घर्षण बल
जब कोई वस्तु किसी पृष्ठ पर लुढ़कर या गोल-गोल घूमती हुई आगे बढ़ रही हो वहां लोटनिक घर्षण बल कार्य करता है।
• लोटनिक घर्षण बल का मान सबसे कम होता है।
स्थैतिक घर्षण बल > सर्पी घर्षण बल > लोटनिक घर्षण बल
घर्षण बल को प्रभावित करने वाले कारक
1. घर्षण बल सतहों के खुरदरेपन पर निर्भर करता है।
• कमानीदार तुला – यह वह युक्ति है जिसके द्वारा किसी वस्तु पर लगने वाले बल को मापा जाता है।
• इसमें एक कुंडलीत कमानी होती है, जिसमें बल लगाने पर प्रसार हो जाता है। तथा पैमाने के पाठ्यंक द्वारा बल का परिणाम हो जाता है।
2. घर्षण बल का मान संपर्क की वस्तुओं के पदार्थों पर निर्भर करता है।
3. घर्षण बल का मान पृष्ठों की प्रकृति पर निर्भर करता है।
4. घर्षण बल का मान एक-दूसरे से जुड़े रहने की प्रबलता पर निर्भर करता है।
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घर्षण बल से होने वाले लाभ तथा हानियां
घर्षण बल से लाभ
• घर्षण बल के कारण ही हम वस्तुओं को पकड़ सकते हैं।
• घर्षण बल के कारण मनुष्य चल पाता है।
• घर्षण बल के कारण ही हम कागज पर या श्याम पट्ट (Blackboard) पर लिख पाते हैं।
• घर्षण बल ना हो तो वाहनों की गति न तो आरंभ की जा सकती हैं न ही रोकी जा सकती है।
• घर्षण नहीं होता तो घरों, भवनों तथा बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों आदि का निर्माण नहीं हो सकता था।
घर्षण बल से हानियां
• घर्षण के कारण वस्तुएं घिस जाती हैं।
जैसे- पेंच, बाॅल, वेयरिंग अथवा जूते के तले आदि।
• घर्षण से उसका उत्पन्न होती है।
• मशीनों में घर्षण बल के कारण अत्यधिक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।
घर्षण बढ़ाना तथा घटाना
घर्षण बढ़ाना
• हमारे जूतों की तली खाॅचेदार बनाई जाती है ताकि जूतों की फर्श से पकड़ बनी रहे।
• कारों, ट्रकों तथा बुलडोजरों के टायर के खाॅचेदार बनाए जाते हैं, जिससे सड़क से उनकी पकड़ अच्छी बनी रहे।
• साइकिल वह स्वचालित वाहनों की ब्रेक प्रणालियों में ब्रेक पैंडों का प्रयोग घर्षण बढ़ाने के लिए किया जाता है।
• कबड्डी के खिलाड़ी अपने हाथों को मिट्टी में इसलिए रगड़ते हैं ताकि वह अपने प्रतिद्वंद्वी को अच्छी तरह से पकड़ सकें।
घर्षण घटाना
• घर्षण को कम करने वाले पदार्थों को स्नेहक कहते हैं।
• जब किसी मशीन के गतिशील पुंजों (भागों) के बीच स्नेहक डालते हैं तो वहां उनकी एक पतली परत बन जाती है तथा वे एक-दूसरे को रगड़ नहीं पाते और घर्षण कम हो जाता है।
• दरवाजों के कब्जों में तेल डाला जाता है।
• साइकिल तथा मोटर के मैकेनिक इन मशीनों के गतिशील भागों के बीच ग्रीज लगते हैं।
• कैरम बोर्ड पर महीन पाउडर छिड़का जाता है।
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तरल घर्षण
• तरल (द्रवों) द्वारा गति करने वाली वस्तुओं पर घर्षण बल लगाया जाता है। इसे तरल घर्षण कहते हैं।
• इस बल को कर्षण भी कहते हैं।
• किसी वस्तु पर लगने वाला घर्षण बल उसकी तरल सापेक्ष गति पर निर्भर करता है।
• घर्षण बल वस्तु की आकृति तथा तरल की प्रकृति पर निर्भर करता है।
• घर्षण कम करने के लिए वस्तुओं को कई प्रकार की अलग-अलग आकृतियां दी जाती हैं
जैसे-
• वायुयान की आकृति
• पक्षियों की आकृति
• मछलियों की आकृति
• वाहनों की डिजाइन
पहेली को सुलझाएं व उत्तर दें।
कुछ स्थितियों में, मैं गति का विरोध करता हूं
यद्यपि मैं गति को संभव बनाता हूं, परंतु में सापेक्ष गति का सदा विरोध करता हूं
दो गतिमान पृष्ठों के बीच,
लगाइए वहां कुछ स्नेहक,
वहां बन जाता हूं मैं छोटा,
बनाइए गतिमान पृष्ठों को रुक्ष,
बना देता हूं मैं गति को कठिन,
मैं हो सकता हूं- स्थैतिक, सरपी अथवा लोटनिक,
परंतु जब भी होते हैं दो पृष्ठ गतिमय,
होता मैं हूं सदैव वहां, बताओ मैं कौन-
महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
Q.1 घर्षण को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- घर्षण: कहीं पर संपर्क में रखी गई दो वस्तुओं के मध्य एक प्रकार का बल कार्य करता है, जो गति करने में वस्तुओं का विरोध करता है। अतः यह बल ‘घर्षण बल’ कहलाता है।
घर्षण बल की दिशा हमेशा वस्तु की गति की दिशा के विपरीत होती है।
Q.2 घर्षण बल से होने वाले लाभ तथा हानियों को लिखिए।
उत्तर- घर्षण बल से विभिन्न प्रकार के लाभ तथा हानियां होती हैं –
घर्षण बल से लाभ
• घर्षण बल के कारण ही हम वस्तुओं को पकड़ सकते हैं।
• घर्षण बल के कारण मनुष्य चल पाता है।
• घर्षण बल के कारण ही हम कागज पर या श्याम पट्ट (Blackboard) पर लिख पाते हैं।
• घर्षण बल ना हो तो वाहनों की गति न तो आरंभ की जा सकती हैं न ही रोकी जा सकती है।
• घर्षण नहीं होता तो घरों, भवनों तथा बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों आदि का निर्माण नहीं हो सकता था।
घर्षण बल से हानियां
• घर्षण के कारण वस्तुएं घिस जाती हैं।
जैसे- पेंच, बाॅल, वेयरिंग अथवा जूते के तले आदि।
• घर्षण से ऊष्मा उत्पन्न होती है।
• मशीनों में घर्षण बल के कारण अत्यधिक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।
इस प्रकार घर्षण बल से लाभ तथा हानियां होती हैं
Q.3 घर्षण बल के प्रकारों को समझाइए।
उत्तर- घर्षण बल मुख्य तीन प्रकार का होता है।
1. स्थैतिक घर्षण बल
2. सर्पी घर्षण बल
3. लोटनिक घर्षण बल
1. स्थैतिक घर्षण बल
किसी स्थिर वस्तु को स्थिर अवस्था में गतिशील अवस्था में लाएंगे, तो वहां स्थैतिक घर्षण बल कार्य करेगा।
• स्थैतिक घर्षण बल का मान सबसे अधिक होता है।
• जब कोई रुकी हुई वस्तु को विराम अवस्था से, गति प्रारंभ करने की स्थिति में घर्षण पर पार का पाने के लिए वस्तु पर लगाया जाने वाले बल में स्थैतिक घर्षण बल की उपस्थिति होती है।
2. सर्पी घर्षण बल
जब कोई वस्तु किसी पृष्ठ पर आगे की ओर और बढ़ रही है वहां सर्पी घर्षण बल कार्य करता है।
• सर्पी घर्षण बल स्थैतिक घर्षण बल से कुछ कम होता है।
• किसी वस्तु को इस चाल से गतिशील रखने के लिए आवश्यक बल में सर्पी घर्षण बल की उपस्थिति होती है।
3. लोटनिक घर्षण बल
जब कोई वस्तु किसी पृष्ठ पर लुढ़कर या गोल-गोल घूमती हुई आगे बढ़ रही हो वहां लोटनिक घर्षण बल कार्य करता है।
• लोटनिक घर्षण बल का मान सबसे कम होता है।
स्थैतिक घर्षण बल > सर्पी घर्षण बल > लोटनिक घर्षण बल
Q.4 तरल घर्षण की परिभाषा बताते हुए उदाहरण के साथ समझाइए।
उत्तर- तरल घर्षण: तरल (द्रवों) द्वारा से होकर गति करने वाली वस्तुओं पर घर्षण बल लगाया जाता है। इसे तरल घर्षण कहते हैं।
इस बल को कर्षण भी कहते हैं।
किसी वस्तु पर लगने वाला घर्षण बल उसकी तरल सापेक्ष गति पर निर्भर करता है।
घर्षण बल वस्तु की आकृति तथा तरल की प्रकृति पर निर्भर करता है।
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MCQ
Q.1 स्थैतिक घर्षण बल का मन होता है-
(अ) कम
(ब) अधिक
(स) सबसे अधिक
(द) सबसे कम
उत्तर- (स) सबसे अधिक
Q.2 किसी वस्तु पर लगने वाले बल को किस युक्ति से मापा जाता है-
(अ) थर्मामीटर
(ब) कमानीदार तुला
(स) बोल्ट
(द) दिमाग
उत्तर- (ब) कमानीदार तुला
Q.3 कैरम बोर्ड पर कौन सा पाउडर छिड़का जाता है?
(अ) ग्लो
(ब) सुगंधित
(स) महीन
(द) विंक
उत्तर- (स) महीन
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